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Jagannath Rath Yatra Shayari

जगन्नाथ रथयात्रा शायरी

चन्दन की खुशबु, रेशम का हार,
भादों की सुगंध, बारिश की फ्हुहार,
दिल की उम्मीदे, अपनों का प्यार
मंगलमय हो आपको लार्ड जगन्नाथ का त्यौहार.
हैप्पी जगन्नाथ रथ यात्रा !

सूरज की किरणे,
खुशियों की बहार,
चन्दन की खुशबू,
रेशम का हार,
मुबारक हो आपको,
भगवन जगन्नाथ का त्यौहार !!!

जगन्नाथ स्वामी की ज्योति से नूर मिलता है
सबके दिलो को सुरूर मिलता है
जो भी जाता है जगन्नाथ स्वामी जी के द्वार
कुछ न कुछ जरूर मिलता है.
हैप्पी रथ यात्रा

Contributor:

Jagannath Rath Yatra Messages

Jagannath Rath Yatra Messages

Let us bow to the gods this Rath Yatra, to pray for better times and destruction of evil from earth.Happy Jagannath Yatra

Let’s come together and destroy the evil spirits from the Earth. Happy Jagannath Yatra

May Lord Jagannath bless you and family. Happy Jagannath Yatra

Lord Jagannath is here To Destroy The Evil From The Face of Earth.
Let’s Celebrate The Glory of Lord Jagannath.
Happy Jagannath Rath Yatra

Let’s Celebrate Glory Of
Lord Jagannath,
To Destroy The Evil From The
Face Of Earth.
Happy Jagannath Ratha Yatra

May all your present good times and treasures become
golden memories of tomorrow.
We wish you lots of love, strength, joy and happiness.
“Happy Rath Yatra

Contributor:

Jagannath Rath Yatra Messages In Hindi

जगन्नाथ रथयात्रा शुभकामना संदेश

हे जगन्नाथ,
थाम मेरा हाथ,
अपने रथ में
ले चल मुझे साथ।

लुभाये न मुझको अब कोई पदार्थ
मेरा तो बस अब एक ही स्वार्थ
धर्म युद्ध हो या कर्म युद्ध हो
तू बने सारथि, मैं बनूँ पार्थ ।

मैं हूँ अनाथ
बन के मेरा नाथ
अपने रथ में
ले चल मुझे साथ।

ये तो बस कहने की बात है 
की उन्हें भगवान् का बुलावा आता है 
बुलावा कोई आता नहीं 
अरे तुम उनका नाम लेकर कर तो देखो 
सुना है वो भक्तों से मिलने बाहर भी आते है।
जय जगन्नाथ

पुरी नगर बड़भागी अति, जनि जन अति प्रसन्न,
चले श्री जगन्नाथ प्रभु दाऊ, सुभद्रा संग|

सौ बातों की एक बात,
अपना हाथ,जगन्नाथ।

कान्हा है, कन्हैया है, घनश्याम भी है तू,
हरि है, हिरंयगर्भा है, जगन्नाथ है, जनार्धना है तू|
तेरी लीलाओं पे जाऊं मैं बलिहारी,
मुरली मनोहर मेरे रास बिहारी|
श्रिष्टी का तू पालनहार,
जन्मदिन पे तेरे हम करे प्रकट हमारा आभार|

नगर पूरी के नाथ हैं सकल जगत आधार,
राम, कृष्ण, कल्की यही नारायण अवतार।

तुलसी कहे तो राम है, सूर कहे तो श्याम,
अमित रूप अवतार लिए, अमित प्रभु के नाम।

आधा हैं जगन्नाथ
धाम उसकी पूरी कहलाता है।।

कर्म वो है धर्म वो है आदि और अंत भी वो है
मानो तो दारू-ब्रह्म नहीं तो नीम का लकड़ी कहलाता है।।

गंगा तेरे घाट मिले उमापति महादेव।
विश्वनाथ सुमिरन करूं मिटे सकल संदेह।

राम राम रटता रहूं पुण्य मंदाकिनी तीर।
चित्रकूट निवास करें सीता अरू रघुबीर।

नगर द्वारिका मन बसे, नित आए सुरसेन।
कृष्ण कृष्ण सुमिरन करें, विकला मन को चैन।

पुरी नगर में वास करें सकल जगत आधार।
जगन्नाथ के नाम को लो निज मन सब धार।

हरे रामा हरे रामा,
रामा रामा हरे हरे,
हरे कृष्णा, हरे कृष्णा,
कृष्णा कृष्णा हरे हरे,
विशिंग यु & योर फॅमिली हैप्पी जगन्नाथ रथ यात्रा

इस यात्रा में सामिल हो ने के लिए आप सभी लोगो को हमारी और से शुभकामनायें.
हैप्पी जगन्नाथ रथ यात्रा !

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