Barsat ki bhigi rato me fir koi suhani yaad aayi

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बरसात की भीगी रातों में फिर कोई सुहानी याद आई,
कुछ अपना जमाना याद आया,
कुछ उनकी जवानी याद आई,
हम भूल चुके थे जिसने हमें दुनिया में अकेला छोड़ दिया,
जब गौर किया तो एक सूरत जानी पहचानी याद आई. 🙂

This picture was submitted by Smita Haldankar.

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