Dharti Se Savan Ki Bunde Milne Jab Aati Hai

धरती से सावन की बूंदें मिलने जब भी आती हैं,
उसकी शिकायत करती हैं कुछ अपना दर्द सुनाती हैं.
कुछ रिश्ते नए बनती एहसास नये दे जाती हैं,
हर एक कली को फूल बाग़ को गुलशन कर जाती हैं.
चाहत नयी सी होती है अरमान नये दे जाती हैं,
कुछ ख़ुशी के पल कुछ मुस्कान नयी दे जाती हैं. 🙂

This picture was submitted by Smita Haldankar.

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