गुरु गोबिंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाय।
बलिहारी गुरु आपणे, गोबिंद दियो मिलाय।।
गुरु और ईश्वर दोनों समक्ष खड़े हैं,
पर गुरु बलिहारी हैं जिन्होंने
ईश्वर तक पहुँचने का मार्ग दिखाया…
ऐसे परम गुरु के श्री चरणों में शत-शत वंदन!
गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं!