Kamika Ekadashi Vrat Katha

Kamika Ekadashi Vrat KathaDownload Image
यह कामिका एकादशी का व्रत
आपके पापो से मुक्ति दिलाएँ साथ ही
इस लोक के सुख भोगते हुए
स्‍वर्ग की प्राप्‍ति कराये।
कामिका एकादशीकी हार्दिक शुभकामना

कामिका एकादशी व्रत कथा

उद्देश्य :
सर्वकामना पूर्ति

तिथि :
श्रावण मास की कृष्ण एकादशी


कथा :
प्राचीन काल में किसी गांव में एक ठाकुर जी थे. क्रोधी ठाकुर का एक ब्राह्मण से झगडा हो गया और क्रोध में आकर ठाकुर से ब्राह्मण का खून हो जाता है.
अत: अपने अपराध की क्षमा याचना हेतु ब्राहमण की क्रिया उसने करनी चाहीए परन्तु पंडितों ने उसे क्रिया में शामिल होने से मना कर दिया और वह ब्रहम हत्या का दोषी बन गया.
परिणाम स्वरुप ब्राह्मणों ने भोजन करने से इंकार कर दिया. तब उन्होने एक मुनि से निवेदन किया कि हे भगवान, मेरा पाप कैसे दूर हो सकता है. इस पर मुनि ने उसे कामिका एकाद्शी व्रत करने की प्रेरणा दी।
ठाकुर ने वैसा ही किया जैसा मुनि ने उसे करने को कहा था. जब रात्रि में भगवान की मूर्ति के पास जब वह शयन कर रहा था. तभी उसे स्वपन में प्रभु दर्शन देते हैं और उसके पापों को दूर करके उसे क्षमा दान देते हैं।हैं।
ब्रह्महत्या तथा भ्रूण हत्या आदि पापों को नष्ट करने वाली इस कामिका एकादशी का व्रत मनुष्य को यत्न के साथ करना चाहिए। कामिका एकादशी के व्रत का माहात्म्य श्रद्धा से सुनने और पढ़ने वाला मनुष्य सभी पापों से मुक्त होकर विष्णु लोक को जाता है।

This picture was submitted by Smita Haldankar.

See More here: Kamika Ekadashi

Tag:

More Pictures

  • Shubh Kamika Ekadashi
  • Shubh Kamika Ekadashi Image
  • Kamika Ekadashi Hardik Shubhkamna
  • Kamika Ekadashi Hindi Shubhkamnaaye
  • Kamika Ekadashi Ki Shubhkamna
  • Kamika Ekadashi Ki Dhero Shubhkamnaye
  • Kamika Ekadashi Ki Hardik Shubhkamnaye
  • Kamika Ekadashi Shubhkamna Vishnu Mantra

Leave a comment