Rat Goomsoom Hai Magar Chand Khamosh Nahi


रात गुमसुम हैं मगर चाँद खामोश नहीं,
कैसे कह दूँ फिर आज मुझे होश नहीं,
ऐसे डूबा तेरी आँखों के गहराई में आज,
हाथ में जाम हैं,मगर पिने का होश नहीं|

This picture was submitted by Ravi Prakash.

More Pictures

  • Khubsurati Na Soorati Me Hai Na Libas Me

Leave a comment