Shri Ganesh Bhakti Shayari Sangrah

🔸 श्री गणेश भक्ति शायरी संग्रह
(सिद्धि, शांति और शुभता से भरपूर पंक्तियाँ)

Shri Ganesh Bhakti Shayari Sangrah

Download Image Shri Ganesh Bhakti Shayari Sangrah

🌺
जिस घर में गूंजे गणपति नाम,
हर दिन वहाँ हो सुख का वास।

– गणेश जी का नाम केवल एक उच्चारण नहीं, वह घर का आशीर्वाद है। जब भी कोई परिवार श्रद्धा से ‘जय श्री गणेश’ कहता है, उस घर में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और मानसिक शांति का स्थायी निवास हो जाता है। गणपति का स्मरण करते ही विघ्नों की बाधाएँ स्वयं हटने लगती हैं।

Ganesh Shayari Ganpati Smaran Se Har Vighn Door

Download Image Ganesh Shayari Ganpati Smaran Se Har Vighn Door


🌺
गणेश जी का स्मरण जहाँ भी होता है,
हर विघ्न वहाँ से खुद ही हटता है।
मन में हो उनका मधुर नाम,
तो हर कर्म बने सुखद और निष्काम।

भावार्थ (Meaning):

यह शायरी केवल कविता नहीं,
बल्कि श्री गणेश जी की उपस्थिति और कृपा की अनुभूति है।

🔹 “गणेश स्मरण” – यानी आंतरिक शांति का प्रारंभ
🔹 “विघ्न हटता है” – जब हम श्रीगणेश को हृदय से पुकारते हैं,
तो बाधाएँ केवल बाहर से नहीं, मन के भीतर से भी दूर होती हैं।

Vakratund Ka Naam Mangal Sandesh

Download Image Vakratund Ka Naam Mangal Sandesh


🌺
वक्रतुंड का नाम जो लेता है,
हर आरंभ में मंगल पाता है।
रुके काम जो आगे बढ़ जाएँ,
गणपति बाप्पा जहाँ आ जाएँ।
भावार्थ: श्री गणेश प्रथम पूज्य हैं। किसी भी कार्य के आरंभ में उनका स्मरण बाधाओं को हटाकर सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।

🌺

जिस घर में गूंजे गणपति नाम,
वहाँ ठहर जाए सुख-विश्राम।
विघ्न दूर हों, चिंता भागे,
बाप्पा कृपा से मन जागे।
भावार्थ: गणेश जी का नाम घर में सकारात्मक ऊर्जा भर देता है। जहाँ उनका स्मरण होता है, वहाँ शांति और सुख का वास होता है।

🌺

मोदक जैसा मीठा है तेरा नाम,
लेने से कट जाए हर अभिशाप।
गणराज जिस पर कृपा करें,
उसके जीवन में मंगल भरें।
भावार्थ: गणपति का नाम जीवन की कड़वाहट को मिठास में बदल देता है। उनकी कृपा से नकारात्मकता दूर हो जाती है।

🌺

लंबोदर तू धैर्य सिखाए,
विघ्नहर्ता बन राह दिखाए।
जो तेरे चरणों में शीश झुकाए,
वो हर उलझन से पार हो जाए।
भावार्थ: गणेश जी हमें धैर्य और विवेक का मार्ग सिखाते हैं। उनके चरणों में समर्पण जीवन की कठिनाइयों को सरल बना देता है।

🌺

दूर्वा अर्पण, मन पावन,
गणपति करें हर दुख हरन।
सरल भाव जो साथ रखे,
बाप्पा उससे दूर न रहें।
भावार्थ: गणेश जी को सरलता और शुद्ध भाव प्रिय हैं। सच्चे मन से की गई भक्ति शीघ्र फल देती है।

🌺

गणनायक का जो ध्यान लगाए,
उसका जीवन सुव्यवस्थित हो जाए।
बुद्धि विवेक का दीप जले,
हर निर्णय में सत्य फले।
भावार्थ: गणेश जी बुद्धि और विवेक के दाता हैं। उनका ध्यान जीवन में सही निर्णय लेने की शक्ति देता है।

🌺

मूषक सवारी, सरल चाल,
सिखाए जीवन का सही हाल।
छोटी राह हो या बड़ा काम,
गणपति साथ हों तो मिले अंजाम।
भावार्थ: गणेश जी का वाहन मूषक यह सिखाता है कि छोटी-सी समझ भी बड़े कार्य कर सकती है।

🌺

विघ्न आए तो घबराना क्या,
गणपति नाम है सहारा क्या।
जो हर पल बाप्पा को याद करे,
उसका हर डर दूर हो जाए।
भावार्थ: गणेश नाम भय का नाश करता है। निरंतर स्मरण से आत्मविश्वास और साहस बढ़ता है।

🌺

गणेश चतुर्थी हो या हर दिन,
बाप्पा भक्ति से उजले क्षण।
जो प्रेम से आरती गाए,
उसके घर मंगल छाए।
भावार्थ: गणेश जी की भक्ति किसी विशेष दिन तक सीमित नहीं। दैनिक स्मरण से जीवन में निरंतर शुभता आती है।

🌺

हे गणपति! तू ही आधार,
तेरे बिना सब अधूरा सार।
तेरी कृपा से जीवन सजे,
हर राह में शुभता बजे।
भावार्थ: गणेश जी जीवन के आधार हैं। उनकी कृपा से ही जीवन पूर्ण और संतुलित बनता है।

🌺

🙏 गणपति बाप्पा की कृपा सदैव बनी रहे।
🌸 गणपति बाप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया 🌸

Leave a comment