Ambedkar Jayanti Shayari

आंबेडकर जयंती शायरी

ममता,करणा और समता जिसका है आधार
हमारी उजाड़ी जिन्दगी में ला दी बाबा साहेब ने बहार
हमारी आजादी की कहानी लिखी हमारे भीम ने
खुशियों भरा सजाया हमारा संसार भीम ने

आज का दिन है बड़ा महान
बनकर सूरज चमका इक इंसान
कर गये सबके भले का ऐसा काम
बना गये हमारे देश का संविधान

भीम जी ने हमे बलवान बना डाला है
हटा ना पाये वो चट्टान बना डाला है
नये युग की हमे पहचान बना डाला है
और हवा के ये झोके को तुफान बना डाला है.।

गरज उठे गगन सारा,
समुन्दर छोडें आपना की नारा,
हिल जाए जहान सारा,
जब गूंजे “जय भीम” का नारा।

कुरान कहता है मुसलमान बनो
बाइबल कहता है ईसाई बनो
भगवत गीता कहती है हिन्दू बनो
लेकिन मेरे बाबासाहेब का
संविधान कहता है मनुष्य बनो

श प्रेम में जिसने आराम को ठुकराया था
गिरे हुए इंसान को स्वाभिमान सिखाया था
जिसने हमको मुश्किलों से लड़ना सिखाया था
इस आसमां पर ऐसा इक दीपक बाबा साहेब कहलाया था

है ये सारा जहाँ जिनकी शरण में
हमारा है नमन उन बाबा के चरण में
है पूजा के योग्य बाबा हम सबकी नजर में
आप मिलकर फूल बरसायें बाबा के चरण में.

बाबा तेरी कलम के बल हम राज करते है।
तेरी करनी पे बाबा हम नाज करते है।
बदलेगा वक्त ओर जमाना भी।
जय भीम के उदघोष से ये आगाज करते है।

Category: Ambedkar Jayanti, Festival Shayari

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