Maa Chandraghanta Ji Ki Aarti


भगवती माँ दुर्गा जी की
तीसरी शक्ति का नाम ‘चंद्रघंटा’ है !

नवरात्री उपासना में तीसरे दिन इन्ही के
विग्रह का पूजन-अर्चन किया जाता है !
इनका यह स्वरुप
परम शांतिदायक और कल्याणकारी है !
इनके मस्तक में घंटे का आकार का अर्धचंद्र हैं ,
इसी कारण इन्हें ‘चंद्रघंटा’ देवी भी कहा जाता हैं ! 

मां चंद्रघंटा की आरती

जय माँ चन्द्रघंटा सुख धाम
पूर्ण कीजो मेरे काम

चन्द्र समान तू शीतल दाती
चन्द्र तेज किरणों में समाती

क्रोध को शांत बनाने वाली
मीठे बोल सिखाने वाली

मन की मालक मन भाती हो
चन्द्र घंटा तुम वरदाती हो

सुंदर भाव को लाने वाली
हर संकट मे बचाने वाली

हर बुधवार जो तुझे ध्याये
श्रद्धा सहित जो विनय सुनाय

मूर्ति चंदर आकार बनाये
सन्मुख घी की ज्योत जलाये

शीश झुका कहे मन की बाता
पूर्ण आस करो जगदाता

कांची पुर स्थान तुम्हारा
करनाटिका मे मान तुम्हारा

नाम तेरा रटू महारानी
‘चमन’ की रक्षा करो भवानी

माँ कूष्मांडा मंत्र
या देवी सर्वभू‍तेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
पिण्डज प्रवरारुढ़ा चण्डकोपास्त्र कैर्युता |
प्रसादं तनुते मह्यं चंद्र घंष्टेति विश्रुता ||

This picture was submitted by Smita Haldankar.

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