Kal Kare So Aaj Kar, Aaj Kare So Ab

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काल करे सो आज कर, आज करे सो अब ।
पल में प्रलय होएगी,बहुरि करेगा कब ॥

अर्थ :
कबीर दास जी समय की महत्ता बताते हुए कहते हैं कि जो कल करना है उसे आज करो और और जो आज करना है उसे अभी करो , कुछ ही समय में जीवन ख़त्म हो जायेगा फिर तुम क्या कर पाओगे !!

This picture was submitted by Smita Haldankar.

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One Comment on “Kal Kare So Aaj Kar, Aaj Kare So Ab”

Prakash says:

कबीर दास जी ये बात समय कि महता बाताते हुवे तो कह ही रहै है पर कह किससे रहे है ये समझना जरुरी है ये बात किसी बक्ति से नहीं कह रहे कि जाओ ओर धन समपत्ति ईककठा करने मे लग जा कल पर किया टालता है बलकि कबिर यह बात बिचलित मन से कह रहे है कि जो ये तुमहारा मन जिस आनद ,शांति ,पृमातमा
और पे्म कि तलास भविष्य मे कर रहा है ए सब भविष्य मे नही है अभी मिल सकता है इसी क्षन कल कि तालास मे तो मौत आएगी एक दिन फिर परमात्मा से मिलोगे कब, ओर जैसे ही हमारा मन वृतमान मे ठहर जाता है परमात्मा से मिलन हो जाता है

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