Jaisa Bhojan Khayiye, Taisa Hi Man Hoy


जैसा भोजन खाइये , तैसा ही मन होय ।
जैसा पानी पीजिये, तैसी वाणी होय ॥

अर्थ :
शुद्ध-सात्विक आहार तथा पवित्र जल से मन और वाणी पवित्र होते हैं। अर्थात, जो जैसी संगति करता है वैसा ही बन जाता है।

This picture was submitted by Smita Haldankar.

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