KALRATRI MATA


माँ कालरात्रि मंत्र –
या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
एक वेधी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकणी तैलाभ्यक्तशरीरिणी।।
वामपदोल्लसल्लोहलताकण्टक भूषणा।
वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रि र्भयंकरी।।

माँ दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जनि जाती है !
माँ कालरात्रि अपने भक्तों को सदैव शुभ फल प्रदान करने वाली होती हैं
इस कारण इन्हें शुभंकरी भी कहा जाता है. दानव दैत्य, राक्षस, भूत, प्रेत आदि
इनके स्मरण मात्र से ही भयभीत होकर भाग जाते है ! इनकी कृपा से सर्वथा भय मुक्त हो जाता है !
भगवती देवी माँ कालरात्रि के श्री चरणों में सत सत नमन !

This picture was submitted by Smita Haldankar.

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