KATYAYANI MATA


माँ कात्यायनी मंत्र _
या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
वन्दे वांछित मनोरथार्थ चन्द्रार्घकृत शेखराम्। सिंहरूढ़ा चतुर्भुजा कात्यायनी यशस्वनीम्॥

माँ कात्यायनी माँ दुर्गा का छठा स्वरूप हैं. नवरात्र के छठे दिन इस मंत्र से
माता कात्यायनी की पूजा वंदना करना चाहिए.महर्षि कात्यायन ने सर्व प्रथम इनकी पूजा की !
इसी कारण से यह कात्यायनी कहलाई !मां कात्यायनी को मन की शक्ति कहा गया है.
मा कत्यायानी की अराधना करनेसे मनुष्य को बड़ी सरलता से अर्थ,
धर्म ,काम , मोक्ष फलो की प्राप्ति होती हैं.

This picture was submitted by Smita Haldankar.

See More here: Nav Durga Shakti

Tag:

More Pictures

  • Jay Maha Gauri Mata Ki..

Leave a comment